अमृतसर,पुष्टि संवाददाता । अमृतसर की एक अदालत ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। मजीठिया के खिलाफ पुलिस द्वारा एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर थाने के अंदर सरकारी दस्तावेज फाड़ने और अपने एक समर्थक को छुड़ाने की कोशिश करने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि मजीठिया के खिलाफ दर्ज किया गया केस पूरी तरह झूठा और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कानून और न्याय केवल तथ्यों व सबूतों के आधार पर काम करते हैं, न कि राजनीतिक बयानों के आधार पर।
कलेर ने दावा किया कि जिस दिन घटना हुई, उस समय बिक्रम सिंह मजीठिया अपने परिवार के साथ किरती किसान यूनियन के धरने में शामिल होने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि जोबनजीत नामक व्यक्ति को एक पुलिस अधिकारी द्वारा गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया था, जिसके विरोध में धरना दिया जा रहा था। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
