दतिया (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मचे राजनीतिक घमासान के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा ने जो फैसला लिया है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने समर्थकों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन या हिंसक गतिविधि से दूर रहें और शांति बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन पार्टी के लिए समर्पित रहा है और आगे भी वे संगठन के कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे।
दरअसल, भाजपा द्वारा दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर सड़क जाम, पथराव और पुलिस के साथ झड़प जैसी घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े।
प्रदर्शन के दौरान दतिया और आसपास के क्षेत्रों में यातायात भी प्रभावित रहा। कई घंटों तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लगा रहा, जबकि कुछ पुलिस अधिकारियों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया उपचुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा की शांति की अपील को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत करने की महत्वपूर्ण कोशिश माना जा रहा है।

