नई दिल्ली, 24 जून: सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन व्रत 25 जून को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार इस बार निर्जला एकादशी कई शुभ संयोग लेकर आ रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव विशेष रूप से चार राशियों पर देखने को मिलेगा।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन बुध और शुक्र ग्रह की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है। इस शुभ योग का सबसे अधिक लाभ वृषभ, कर्क, तुला और मीन राशि के जातकों को मिलने की संभावना है।
वृषभ राशि के लोगों को करियर और व्यापार में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुके हुए काम पूरे होने के योग बन रहे हैं। 
कर्क राशि के जातकों के लिए धन लाभ, पारिवारिक सहयोग और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। हालांकि अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है।
तुला राशि वालों को नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। साथ ही वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बढ़ने के योग बन रहे हैं।
मीन राशि के जातकों के लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा से करने पर पूरे वर्ष की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पित करना, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना और जरूरतमंदों को दान देना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
नोट: ज्योतिष और धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित होती हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाता।

