जालंधर: पंजाब पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग का पर्दाफाश किया है, जिसने फिल्मों से प्रेरणा लेकर खुद को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीता और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर डाली। आरोपी ने इंटरनेट की मदद से अपनी फर्जी पहचान तैयार की और कई लोगों को झांसे में लेकर करीब 31.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनमोल रतन लंबे समय से खुद को IPS अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह पंजाब पुलिस में DSP, इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल जैसे पदों पर भर्ती कराने का झांसा देकर मोटी रकम वसूलता था। इस पूरे फर्जीवाड़े में उसकी पत्नी और पिता भी कथित रूप से शामिल पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी IPS पहचान पत्र, नकली सरकारी दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान तैयार करने के लिए इंटरनेट और फिल्मों का सहारा लिया था। बताया जा रहा है कि उसे ठगी का यह तरीका फिल्म ‘बंटी और बबली’ से प्रेरित होकर सूझा।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस को आशंका है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के और भी मामले सामने आ सकते हैं।
पुलिस ने युवाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। भर्ती प्रक्रिया केवल आधिकारिक माध्यमों से होती है और किसी भी प्रकार की सिफारिश या पैसों की मांग धोखाधड़ी का संकेत हो सकती है।

