जालंधर। साई दास स्कूल ग्राउंड, पटेल चौक में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक विचारों का लाभ प्राप्त किया। कथा व्यासपीठ से प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन के आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों से अवगत करवाया।
आचार्य श्री ने भगवान की समदृष्टि का वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा के लिए कोई अपना या पराया नहीं है। भगवान सभी जीवों में आत्मरूप से विद्यमान हैं और इसी कारण प्रत्येक प्राणी उन्हें प्रिय है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन की सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्ग है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवन्नाम के महत्व से अवगत करवाते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान का नाम मनुष्य को शक्ति और संबल प्रदान करता है। जिस स्थान पर श्रद्धा और भक्ति के साथ भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां वातावरण स्वयं आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। भगवान की कृपा के बिना जीवन में कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता।
आचार्य श्री ने कहा कि मनुष्य के जीवन में विचार और कर्म दोनों का विशेष महत्व है। व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसी के अनुरूप उसे फल की प्राप्ति होती है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में सद्कर्म, सेवा, संयम और सद्भाव को स्थान देना चाहिए तथा नकारात्मक एवं अधोगामी प्रवृत्तियों से स्वयं को दूर रखना चाहिए।
कथा के दौरान गोकर्ण एवं धुंधकारी के प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य श्री ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा की महिमा इतनी व्यापक है कि सच्चे मन से कथा का श्रवण करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। धुंधकारी के मोक्ष का प्रसंग इस बात का उदाहरण है कि भगवान की भक्ति और भागवत श्रवण से जीवन की दिशा बदली जा सकती है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान और भक्ति का ऐसा अमृत है, जिसका रसपान करने से मनुष्य के भीतर विवेक, वैराग्य और आध्यात्मिक चेतना का जागरण होता है। कथा जितनी सुनी जाए, उतनी ही अधिक भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति बढ़ती जाती है।
इस अवसर पर यशपाल चौधरी, अभिषेक चौधरी, सुनील नय्यर, उमेश औहरी, संदीप मलिक, चंदन वडेरा, ब्रिज मोहन चड्ढा, महेश मखीज, अंकुश जुनेजा, अश्वनी कुमार (आशू), संजय सहगल, हेमंत थापर, राजवंश मल्होत्रा, देवेंद्र अरोड़ा, रिंकू मल्होत्रा, बलविंदर शर्मा, सोनू चोपड़ा, सुमित गोयल, पंडित श्री कपिल देव शर्मा, संदीप कुमार, भूपेंद्र सिंह (बिल्ला), तरुण सरीन, जितेंद्र सोनू, राजेश बीगामल, तरसेम रिंकू, अरुण मल्होत्रा और राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


